केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे शिक्षकों के वेतन और छात्रों की स्कूल फीस के मुद्दों की जांच करें। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने मुख्य सचिवों काे इस बारे में चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा है कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान राज्य सरकारें स्कूल फीस और वेतन के भुगतान की समय-सीमा के बारे में निर्देश जारी करने पर विचार कर सकती हैं। लाॅकडाउन के कारण स्कूल बंद हैं। निजी स्कूलाें ने सालाना फीस बढ़ाने का फैसला किया है। स्कूल प्रबंधन छात्रों से फीस वसूली के लिए नोटिस भेज रहे हैं।
वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी निजी स्कूल को लॉकडाउन के दौरान फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं है। स्कूल खुलने तक सिर्फ ट्यूशन फीस ही वसूली जाए। कोई भी स्कूल बच्चों से ट्रांसपोर्ट फीस की वसूली नहीं करेगा।
केंद्र ने कहा- फीस बढ़ाने पर पुनर्विचार करें स्कूल
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने निजी स्कूलों से सालाना फीस बढ़ाने और तीन महीने की फीस एक साथ लेने के निर्णय पर फिर से विचार करने काे कहा है। निशंक ने एक ट्वीट में कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि राज्य के शिक्षा विभाग अभिभावकों और स्कूलों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए शुल्क के मुद्दे को सुलझाएंगे।’
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